होम › सीखें › थीटा डिके: हर बीतता दिन ऑप्शन बायर का पैसा क्यों खाता है
थीटा डिके: हर बीतता दिन ऑप्शन बायर का पैसा क्यों खाता है
अपडेट किया गया: अगस्त 2026 · PaperBull संपादकीय टीम द्वारा
संक्षिप्त उत्तर: थीटा बताता है कि सिर्फ समय बीतने से प्रीमियम रोज़ कितना घटता है। यह ऑप्शन बायर के खिलाफ और सेलर के पक्ष में काम करता है, और एक्सपायरी के आखिरी दिनों में तेज़ी से बढ़ता है।
यहां जाएं: टाइम वैल्यू बनाम इंट्रिंज़िक वैल्यू · वीकेंड क्यों नुकसान करते हैं · सेलर का फायदा
सभी ग्रीक्स में थीटा सबसे ज्यादा सब्र की परीक्षा लेता है। यह हर दिन — वीकेंड में भी — आपके खिलाफ काम करता है, भले ही मार्केट बिल्कुल न हिले।
टाइम वैल्यू बनाम इंट्रिंज़िक वैल्यू
हर प्रीमियम के दो हिस्से होते हैं — इंट्रिंज़िक वैल्यू (असली ITM वैल्यू, जो डिके नहीं होती) और टाइम वैल्यू (यही हिस्सा थीटा खाता है)।
वीकेंड क्यों नुकसान करते हैं
शनिवार-रविवार बाजार बंद रहने पर भी ऑप्शन दो दिन की टाइम वैल्यू गंवाते हैं। इसीलिए सोमवार सुबह प्रीमियम फ्लैट ओपन होने पर भी नीचे खुल सकता है।
सेलर का फायदा
जो बायर के लिए बुरा है वह सेलर के लिए अच्छा है। इसीलिए कई अनुभवी ट्रेडर ऑप्शन सेलिंग की तरफ झुकते हैं — लेकिन इसमें रिस्क मैनेजमेंट उतना ही ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
थीटा क्या है?
थीटा बताता है कि हर दिन बीतने पर, बाकी सब बराबर रहते हुए, प्रीमियम कितना घटता है।
क्या थीटा वीकेंड में भी काम करता है?
हां — बाजार बंद रहने पर भी समय बीतता है, इसलिए सोमवार को प्रीमियम नीचे खुल सकता है।
थीटा डिके को लाइव देखें
PaperBull पर एक NIFTY ऑप्शन खरीदें और देखें कि बिना मार्केट हिले भी प्रीमियम कैसे घटता है — वर्चुअल पैसों से।
मुफ़्त पेपर ट्रेडिंग शुरू करें →